Khel Aur Anushasan Essay In Hindi

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जीवन में खेल कूद का महत्व और लाभ (Importance (Value) of Sports(Games) in Our Life in Hindi)

Importance Of Sports in Hindi :खेल – कूद किसे नहीं पसंद होता | कोई इसे खेल कर खुश होता है तो कोई मात्र दूसरों को खेलता देखकर ही खुश हो जाता है | अब क्रिकेट खेल को ही देख लीजिए, इसके प्रति लोगों की दीवानगी इतनी बढ़ – चढ़ कर है कि लोग उनको देखने और रेडियों व टी. वी. पर उनकी कमेंट्री सुनने के लिए व्याकुल रहते है |

ये तो एक उदहारण था जबकि खेल से तो हमारा नाता बचपन से ही होता है | बचपन में जब कोई बच्चा खेलता कूदता है तब तो उसे  इन खेलों का मूल्य अथवा महत्व भी नहीं पता होता | फिर भी वह खेलों के माध्यम से नई – नई बाते सीखता और विकसित होता है |

खेलों का तो हमारे स्वास्थ्य से भी गहरा नाता है तभी तो इसे प्राचीन काल से जिन्दगी जीने का आधार माना जाता रहा है पर खेल के महत्व और इनसे होने वाले लाभों को हम अकसर नजरअंदाज कर देते है | यही कारण है कि पूर्व में खेलों को केवल शौक, शगुल, मनोरंजन और हॉबी के रूप में खेला जाता था | स्कूलों, कॉलेजों में भी यह केवल एक एक्टिविटी भर था | माता – पिता भी बच्चों को स्पोर्ट्स में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित नहीं करते थे, शिक्षक भी केवल पढाई पर ही ज्यादा ध्यान देने को कहते थे |

लेकिन आज खेलों के प्रति लोगो की मान्यता बदली है | अब यह सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं है | खेल अब हमारे जीवन का एक अहम् हिस्सा है | खेलों का स्वास्थवर्धक होने के कारण अब हर माता – पिता अपने बच्चों को स्पोर्ट्स में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने लगे है | खेलों को विद्दार्थी जीवन में सबसे ज्यादा बहुमूल्य एवं अनिवार्य माना जाता है और इसीलिए खेल को अब शिक्षा का अंग मानकर शिक्षा के बराबर महत्व दिया जाने लगा है |

स्वास्थ्य से जुडी एक पुरानी कहावत है कि “स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है” यदि शरीर स्वस्थ नहीं है तो, मन भी स्वस्थ नहीं हो सकता | जब मन रोगी होगा तो नाना प्रकार की व्याधायें जीवन भर संत्रस्त करती रहेंगी | अत: मन को स्वस्थ रखने हेतु शरीर का स्वस्थ होना जरुरी है और शरीर को स्वस्थ रखने हेतु खेल से बढ़कर अन्य कोई साधन लाभकरी नहीं हो सकता है |

खेल कूद के लाभ और महत्व (Benefits & Importance Of Sports in life)

Importance of Sports in life in hindi

सामान्य अर्थ में खेल कूद (Sport) एक प्रतिस्पर्धात्मक और प्रशिक्षित शारीरिक गतिविधि का नाम है जो हमें  तनावों, चिंताओं एवं अनेक परेशनियों से मुक्त कर जिंदगी भर स्वस्थ्य बनाएं रखता है | दूसरे शब्दों में कहे तो खेल से आप आजीवन फिट रह सकते है क्योंकि खेल ही है जो हरेक प्रकार के शारीरिक, सामाजिक, मानसिक, बौद्धिक, और मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य गुणों के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान करता है | खेल – कूद मानव जीवन के लिए एक वरदान है जो उसे स्वस्थ्य रखने के लिए उपहार स्वरूप मिली है | 

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खेल में भाग लेने से सबसे पहला लाभ स्वास्थ्य ही है क्योंकि खेल का मैदान वह स्थान है जो स्वास्थ्य पर एक स्थायी छाप छोड़ता है | यह शरीर का एक ऐसा ढ़ाचा तैयार करता है जो चुस्त फुर्तीला और बलिष्ठ होता है | 

खेल शरीर को स्वस्थ और स्फूर्तिमय बनाये रखता है | खेल – कूद के दौरान शरीर के लगभग सभी अंगों का व्यायाम हो जाता है, शरीर की मांसपेशिया सुदृढ़ बनती है और काया निरोगी रहती है | 

एक प्राचीन कहावत है “पहला सुख निरोगी काया” सत्य ही है कि निरोग शरीर जीवन का सर्वश्रेष्ठ सुख है | जब शरीर स्वस्थ्य होगा तो मनुष्य अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन और जीवन के सुखों का आनन्द उठा सकता है | लेकिन आजीवन स्वास्थ्य सुखों का लाभ पाने के लिए शारीरिक क्षमताओं का विकास होना जरुरी होता है जो खेल के मैदान में सरलता से विकसित हो जाता है |

खेल का जीवन में समर्पण की भावना विकसित करने में मूल्यवान भूमिका होती है | खेल के मैदान में खिलाड़ी निष्पक्षता, न्याय और हार – जीत दोनों को समान रूप से ग्रहण करता है | अपने प्रतिद्वंदी के प्रति सहज भाव रखता है | वह जानता है कि खेल में कभी जीत होती है, तो कभी हार होती है | वह अपने प्रतिद्वंदी के बढ़िया खेल की खुलकर सराहना करता है, उसकी जीत पर मुक्त कंठ से बधाई देता है और द्वेष की भावना को पास तक नहीं भटकने देता | उसके जीवन में ये सब गुण खेलों से ही तो आते है |  

कहा जाता है कि जीवन में सफलता हासिल करनी हो तो अनुशासन रूपी कुंजी साथ में जरुर होनी चाहिए और जो खेल के मैदान में तेजी से फलता – फूलता है | अनुशासन जीवन के हर क्षेत्र में प्रगति का मार्ग प्रशस्त करता है | राष्ट्रीय और सामाजिक जीवन में अनुशासन के महत्व का पाठ खेलों के मैदान में सरलता से सीखा जा सकता है |

खेलों के द्वारा जीवन में पारस्परिक सम्मान के सद्गुण का विकास होता है | खेलों के खिलाडियों से ये अपेक्षा की जाती है कि वे एक – दूसरे खिलाडियों का सम्मान करे | सम्मान पाने का उपाय भी यही है कि दूसरों का सम्मान करो | खेलों में जब खिलाडी अपने साथी खिलाडी को सम्मान नहीं देते है तो उन्हें आदर्श खिलाड़ी नहीं कहा जाता | इसलिए प्रत्येक श्रेष्ठ खिलाड़ी अपने साथी खिलाड़ियों का सम्मान करता है जिससे उनमें पारस्परिक सम्मान के गुणों का विकास होता है |

खेलों से ‘टीम स्प्रिट’ का विकास होता है | ‘टीम स्प्रिट’ का मतलब हर उस खिलाड़ी से है जो अपने पृथक – पृथक व्यक्तित्व को टीम के व्यक्तित्व में विलीन कर दे | इसमें टीम का हर खिलाड़ी सम्पूर्ण टीम के लिए खेलता है केवल अपने लिए नहीं |

Importance of Sports in Our Life in Hindi

यह ‘टीम स्प्रिट’ की भावना जो वह खेलों के द्वारा अपने अंदर विकसित करता है तो यही उसके व्यावहारिक जीवन की समस्याओं का समाधान करने में अत्यधिक लाभदायक सिद्ध होता है |

जीवन में खेलों की अन्य महत्वपूर्ण भूमिका – लक्ष्य के प्रति समर्पण, लगातार लक्ष्य की ओर बढ़ते रहने की शक्ति, स्वाभिमान, परिस्थितियों से जूझना, संयम, पारस्परिक सम्मान और कर्तव्यनिष्ठा आदि सद्गुण है | ये ही वे श्रेष्ठ गुण है जो जीवन भर काम आता है | इन गुणों की सहायता से जीवन की चुनौतियों का सामना करके सफलता प्राप्त करना सरल हो जाता है |

वस्तुतः हर किसी के जीवन में खेलों का मैदान एक ऐसा प्रशिक्षण स्थल है जहाँ वह उत्तम गुणों को सीखता और उनका अभ्यास करता है | खेलों का महत्व का क्षेत्र अत्यंत व्यापक है तथा जीवन में इसकी महिमा अपरम्पार है | इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखते हुए बहुसंख्यक शिक्षा संस्थाओं में खेल – कूद अब एक अनिवार्य विषय बन गया है |

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खेल कूद के लाभ महत्व एवं स्वास्थ्य निर्माण में योगदान पर निबंध (Essay on khel kood ke labh, mahatva aur hamara swasthya : Sports Essay in hindi)

Khel aur swasthya essay in hindi

एक प्राचीन कहावत है “पहला सुख निरोगी काया” | इसका मतलब है कि सुखी जीवन का भोग करने के लिए स्वस्थ शरीर का होना जरुरी है | लेकिन शरीर तभी स्वस्थ हो सकता है जब इसके सभी अंग दुरुस्त यानि फिट हो और शारीरिक अंगों को फिट रखने हेतु खेलों से बढ़कर अन्य कोई साधन नहीं है |

जीवन में खेल ही है जो हरेक प्रकार के शारीरिक, सामाजिक, मानसिक, बौद्धिक, और मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य गुणों के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान करता है | इसीलिए आधुनिक युग में खेलों के प्रति लोगों की रूचि बढ़ने लगी है |

पहले लोग खेल – कूद को शौक, शुगल, मनोरंजन के रूप में या हॉबी अथवा व्यवसाय के रूप में खेलते थे लेकिन अब जीवन में खेलों के लाभ और महत्व को देखते हुए इसे अपने जीवनशैली में स्वस्थ्य रहने के लिए शामिल करने लगे है |

खेल अब केवल विद्द्यार्थी जीवन के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं रहा बल्कि बच्चे, नौजवानों और बृद्ध सबके जीवन में स्वस्थ सुडौल और पुष्ट शरीर के लिए खेल किसी उपहार से कम नहीं है |

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खेलों का स्वास्थ्य के साथ गहरा सम्बन्ध होने के कारण अब हर माता – पिता बच्चों को स्पोर्ट्स में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने लगे है | स्कूलों और कॉलेजों में भी खेल को एक एक्टिविटी के रूप में प्राथमिकता दी गई है | जहाँ शिक्षक और छात्र दोनों ही खेल के मैदान में अपने शारीरिक क्षमताओं को विकसित करते दिखाई पड़ते है |

खेलों का महत्व ( Importance of  Sports and Health in Life)

स्वास्थ्य के मामलें में खेलों की महिमा अपरम्पार है | खेल शरीर को स्वस्थ और स्फूर्तिमय बनाये रखते है |

खेल – कूद के दौरान शरीर के लगभग सभी अंगों का व्यायाम हो जाता है | मांसपेशिया सुदृढ़ बनती है जिससे काया निरोगी रहती है | स्वास्थ्य रक्षा और सशक्त शरीर के लिए खेल अनिवार्य है | शरीर की श्रम साध्यता इन्हीं पर निर्भर करती है |

खेल का मैदान स्वास्थ्य पर एक स्थायी छाप छोड़ता है | यह शरीर का एक ऐसा ढ़ाचा तैयार करता है जो चुस्त फुर्तीला और बलिष्ठ होता है | इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखते हुए बहुसंख्यक शिक्षा संस्थाओं में खेल – कूद एक अनिवार्य विषय है |

कहने का आशय यह है कि हर बालक, किशोर और युवा जो कल का नागरिक है, खेलों के माध्यम से स्वस्थ शरीर का निर्माण करें ताकि उसका जीवन स्वयं के लिए और साथ ही समाज व देश के लिए उपयोगी बन सके |

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